किताबें

stories

यार दोस्त कम हो गए हैं जैसे
आपने किताबें महंगी कर दी 

मिलते रहने की उम्मीद को ऐसे
जाने अनजाने में ख़त्म कर दी 

उसके ज़िक्र से बचें तो बचें कैसे
बाक़ी सबकी बातें तो कर दी 

इतने लगे दिलकश वो चार पैसे
आधे ख़्वाब, उम्र पूरी बसर दी 


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