यार दोस्त कम हो गए हैं जैसे
आपने किताबें महंगी कर दी
मिलते रहने की उम्मीद को ऐसे
जाने अनजाने में ख़त्म कर दी
उसके ज़िक्र से बचें तो बचें कैसे
बाक़ी सबकी बातें तो कर दी
इतने लगे दिलकश वो चार पैसे
आधे ख़्वाब, उम्र पूरी बसर दी
Turning unreasonable anxiety into unlikely ideas

यार दोस्त कम हो गए हैं जैसे
आपने किताबें महंगी कर दी
मिलते रहने की उम्मीद को ऐसे
जाने अनजाने में ख़त्म कर दी
उसके ज़िक्र से बचें तो बचें कैसे
बाक़ी सबकी बातें तो कर दी
इतने लगे दिलकश वो चार पैसे
आधे ख़्वाब, उम्र पूरी बसर दी